सुरक्षा एवं सुविधा की पूर्ण व्यवस्था के बा
वजूद श्रमिक एवम कर्मचारी काम
पर नहीं लौट रहे हैं ,,,,,,,एजीएनआई

-श्रमिकों एवं कर्मचारियों के वेतन की व्यवस्था करना भी कठिन हो गया है
-


ग्रेटर नौएडा। एसोशिएसन आफ ग्रेटर नौएडा इन्डस्टृीज ने प्रदेश के
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को ज्ञापन भेज कर कहा है कि आवश्यक वस्तुओं
की आपूर्ति के उत्पादन हेतू श्रमिकों एवं कर्मचारियों द्वारा सहयोग नहीं
कर रहे हैं।  वैश्विक महामारी कोविड़ . 19 से जारी लड़ाई के बीच आवश्यक
वस्तुएं की आपूर्ति सुचारू रखने के लिए भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार ने
कुछ औधोगिक इकाइयों को शुरू करने के आदेश दिए गए हैं । सरकारों के दिशा
निर्देशों का पालन करते हुए इकाइयों में उत्पादन शुरू करने के लिए प्रयास
किए जा रहे हैं लेकिन श्रमिक एवं कर्मचारियों के असहयोगात्मक रवैये के
कारण यह सम्भव नहीं हो पा रहा है । औधोगिक इकाइयों द्वारा सुरक्षा एवं
सुविधा की पूर्ण व्यवस्था के बावजूद श्रमिक एवम कर्मचारी काम पर नहीं लौट
रहे हैं । ज्ञापन मे कहा गया है कि कोरोना काल में जारी लॉक डाउन में
सरकार ने उन्हें बिना काम पूर्ण वेतन दिए जाने के आदेश दिए है । ऐसे में
वह लॉकडाउन का पालन करते हुए घर पर ही रहेंगे । सुरक्षा एवं सुविधा की
पूर्ण व्यवस्था के बावजूद श्रमिक एवम कर्मचारी काम पर नहीं लौट रहे हैं
। श्रमिकों एवं कर्मचारियों के वेतन की व्यवस्था करना भी कठिन हो गया है
। ऐसे में श्रमिकों एवं कर्मचारियों के मनमाने रवैये के कारण औधोगिक
इकाइयों के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है, वहीं वैश्विक महामारी कोविड़
. 19 से लड़ने के लिए आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन भी नहीं हो पा रहा है
जिसके कारण औधोगिक इकाइयों के सामने संकट खड़ा हो गया है वहीं देश की
अर्थव्यवस्था पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा । श्रमिकों एवं कर्मचारियों
के इस असहयोगात्मक रवैये से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औधोगिक क्षेत्र की
इकाइयों में भारी रोष व्याप्त है । अग्नि पूर्व में भी कई प्रार्थना पत्र
समस्याओं के निराकरण के लिए ज्ञापन दे चुकी है । एसोशिएसन ने मुख्यमंत्री
से मांग की है कि इस समस्याओं की ओर ध्यानाकर्षित करते हुए जिलाधिकारी
एवं सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को ऐसे श्रमिकों एवं कर्मचारियों को
आदेश जारी करने के लिए निर्देशित करें जिससे आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन
शीघ्र अतिशीघ्र शुरू किया जा सके । आदेशों की अवहेलना करने वाले श्रमिकों
एवं कर्मचारियों को कोई वेतन ना दिए जाने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई का
आदेश दिया जाए । क्रमश २ इसके अतिरिक्त गौतमबुद्ध नगर तथा देश के दूसरे
स्थानों पर स्थित औधोगिक इकाइयों में आवश्यक वस्तुओं के सुचारू उत्पादन
के लिए मालिकों ,प्रबंधन तंत्र सहित काम पर लौटने वाले श्रमिकों और
कर्मचारियों के लिए प्रशासन द्वारा ई पास भी बिना किसी देरी के जारी किए
जाएं, जिससे आवागमन में परेशानी न हो । वहीं केंद्र और राज्य सरकार की
तर्ज पर औधोगिक इकाइयों में काम करने वाले लोगों के भत्ते एवं अन्य
सुविधाएं पर एक साल के लिए रोक लगाई जाए ।
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