जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र में घर बनाने, स्कूल-कॉलेज खोलने व उद्योग स्थापित करने की योजना बना रहे लोगों के लिए खुशखबरी है। यमुना प्राधिकरण ने भूखंडों की दरें न बढ़ाने का निर्णय लिया
है। प्रचलित दरों पर ही लोग यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के शहर यीडा में भूखंड खरीद सकते हैं। प्राधिकरण बोर्ड ने कहा कि एयरपोर्ट की वजह से लोग जेवर क्षेत्र में पूंजी निवेश के इच्छुक हैं। फिलहाल लोगों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग यहां आ सके। गत वर्ष निर्धारित दरों को ही यथावत रखा गया है।


यमुना प्राधिकरण का क्षेत्रफल ग्रेटर नोएडा से आगरा तक है। एक्सप्रेस वे के समीप कई लोग शैक्षिक संस्थान, विश्व विद्यालय व उद्योग स्थापित करना चाहते हैं। प्राधिकरण की भी कोशिश है कि जितने अधिक उद्योग लगेंगे, उतना क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा। फिलहाल प्राधिकरण का पूरा जोर औद्योगिक विकास पर है। पूंजी निवेश प्रभावित न हो, इसलिए चालू वित्तीय वर्ष में भूखंडों की दरें न बढ़ाने का निर्णय लिया गया। बाक्स

प्राधिकरण ने किया 3891 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान

एयरपोर्ट का निर्माण शुरू होते ही यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में अन्य गतिविधि भी बढ़ जाएंगी। इसके चलते प्राधिकरण ने अपना बजट भी बढ़ा दिया है। गत वर्ष 1967 करोड़ रुपये का बजट था। इस बार इसे बढ़ाकर 3891 करोड़ रुपये कर दिया गया है। बजट में करीब 97 फीसद की वृद्धि की गई है। 2018 में प्राधिकरण ने विभिन्न योजनाओं से 1213 करोड़ रुपये के राजस्व का प्राप्ति की थी। गत वित्तीय वर्ष यह बढ़कर 1422 करोड़ रुपये हो गई। चालू वर्ष में प्राधिकरण ने इसे दो गुणा प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। बाक्स

चालू वित्तीय वर्ष में होने वाला खर्च

मेट्रो के निर्माण पर 300 करोड़

एयरपोर्ट के निर्माण पर 430 करोड़

विकास कार्यो पर 1000 करोड़

भूमि अधिग्रहण पर 909 करोड़

ग्राम विकास पर 115 करोड़

शहरी विकास पर 108 करोड़

बाक्स

स्थापना के बाद पहली बार फायदे में आया प्राधिकरण

यमुना प्राधिकरण की स्थापना 2001 में हुई थी। तभी से प्राधिकरण घाटे में चल रहा है। तीन वर्ष पहले शासन ने डॉ. अरुणवीर सिंह को यमुना प्राधिकरण के सीईओ की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने आते ही वसूली पर जोर दिया। विभिन्न विकास योजनाएं निकालकर वित्तीय स्थिति सुधारने पर जोर दिया। इसका लाभ दो वर्ष पहले दिखना शुरू होगा। 2018-19 से प्राधिकरण को 17 करोड़ 83 लाख का फायदा हुआ। 2019 में प्राधिकरण को 200 करोड़ का फायदा हुआ। इसके लिए प्राधिकरण बोर्ड ने सीईओ अरुणवीर सिंह की पीठ थपथपाई। बाक्स

प्राधिकरण ने बैंकों का कर्ज भी किया कम

प्राधिकरण को लाभ होने के साथ बकाया वसूली पर भी सीईओ ने जोर दिया। इसका लाभ यह हुआ कि प्राधिकरण बैंकों का कर्ज कम करने में कामयाब रहा। तीन वर्ष पहले प्राधिकरण पर 4580 करोड़ रुपये का कर्ज था। इसमें से प्राधिकरण 2380 करोड़ रुपये का कर्ज उतार दिया है। प्राधिकरण के लिए यह बढ़ी उपलब्धि है। अब प्राधिकरण पर 2200 करोड़ रुपये का कर्ज रह गया है। इसमें से 1100 करोड़ रुपये नोएडा प्राधिकरण का है। सीईओ ने दावा किया कि चालू वित्तीय वर्ष में प्राधिकरण करीब 50 फीसद कर्ज को उतारने का प्रयास करेगा। इसके अलावा गत वित्तीय वर्ष में बैंकों से 400 करोड़ रुपये का कर्ज और लिया गया था। बकाया वसूली के बाद प्राधिकरण ने 504 करोड़ रुपये वापस कर दिए। चालू वर्ष में प्राधिकरण 1451 करोड़ रुपये का कर्ज और लेगा। बाक्स

ढाई हजार करोड़ की वसूली का रखा गया लक्ष्य

प्राधिकरण ने चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न योजनाओं के आवंटियों से 2480 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा 2119 करोड़ रुपये की संपत्ति और बेचकर राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य है। जेवर एयरपोर्ट व ईस्टर्न पेरीफरेल एक्सप्रेस के लिए इंटरचेंज का काम शुरू होने से यीडा में संपत्तियों की मांग बढ़ गई है। खरीदार बढ़ी संख्या में आ रहे हैं। अन्य संपत्तियों के लीजरेंट, ब्याज व प्रपत्रों की बिक्री से भी प्राधिकरण 321 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति करेगा। प्राधिकरण बोर्ड ने यह भी तय किया कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय के शासनादेश के तहत कुल प्राप्त धनराशि का 60 फीसद हिस्सा सरकारी बैंकों में एवं 40 फीसद हिस्सा निजी बैंकों में प्राधिकरण जमा करेगा
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