बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुक्रम में अधिवक्ताओं की समस्या को लेकर वकीलों ने की हड़ताल व मुख्यमंत्री को दिया गया ज्ञापन

ग्रेटर नोएडा।  मंगलवार को जनपद दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन गौतमबुद्ध नगर (रजिस्टर्ड) की एक आमसभा आहूत की गई जिसकी अध्यक्षता अध्यक्ष संजीव वर्मा एडवोकेट ने की तथा संचालन सचिव नितेन्द्र तोंगड  एडवोकेट द्वारा किया गया बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के आह्वान पर समस्त अधिवक्ता पूर्ण दिवस न्यायिक कार्य से विरत रहे तथा अधिवक्ताओं की समस्या को लेकर एक ज्ञापन डीएम गौतमबुद्धनगर  के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा। जिसमें मांग की गई कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा जारी अधिवक्ता परिचय पत्र तथा सी ओ पी कार्ड ही पूरे प्रदेश में मान्य होंगे अगर इसको अमान्य किया जाता है तो बाध्य होकर बार काउंसिल कार्रवाई करने के लिए निर्णय लेगी इसके अलावा अधिवक्ता हितों के लिए सरकार द्वारा धन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है जिससे अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है तथा विधवाओं और युवा अधिवक्ताओं को पैसा ना मिलने के कारण सरकार द्वारा संचालित योजनाएं फेल होने की कगार पर है बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश यह मांग करती है कि अगर उपरोक्त समस्याओं का समाधान न्यायपालिका व सरकार द्वारा नहीं किया गया तो बार काउंसिल इसकी पूर्ति के लिए सीधी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगी इसके अलावा जनपद न्यायालय से बाहर स्थापित कमर्शियल कोर्ट ,एलएआर कोर्ट, एमएसीटी कोर्ट, रेरा व अन्य प्रस्तावित न्यायालय को जनपद न्यायालय परिसर में ही स्थापित किया जाए जिससे कि वादियों को सस्ता सुलभ न्याय मिल सके और अधिवक्ताओं को परेशानी ना सहनी पड़े इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक उम्र के अधिवक्ताओं के लिए पेंशन व नए अधिवक्ताओं के लिए मासिक भत्ता दिए जाने तथा समस्त अधिवक्ताओं के लिए मुख्य चिकित्सा मुहैया कराई जाए इसके अलावा एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को बनाकर उत्तर प्रदेश में लागू कराया जाए तथा जनपद न्यायालय में कार्यरत अधिवक्ताओं के लिए प्राधिकरण से आवासीय भूखंड आवंटित किए जाएं इन सबके अलावा यदि कोई न्यायिक अधिकारी किसी अधिवक्ता के विरुद्ध न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई अमल में लाने से पूर्व भेजने वाले अधिकारी के आदेश व आम शोहरत के संबंध में रिपोर्ट लेने के बाद तथा उनके आदेशों की जांच हो जिसमें उक्त अधिकारियों द्वारा 50% से अधिक आदेशों में रिवीजन में विपरीत आदेश पारित ना हुए हो तथा तभी अवमानना की कार्यवाही की संस्कृति की जाए। इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष विपिन भाटी नाग सेन चंदेला रामशरण नागर अशोक भाटी जगदीश भाटी के एच  जैदी एडवोकेट अशोक गर्ग अनिल रावत राजकुमार नागर रविंद्र अवाना सरदार बंसल महेश गुर्जर जितेंद्र कसाना जितेंद्र नागर कुलदीप नागर अजय हूण कुलदीप नागर यतेंद्र अवाना, यतेंद्र नागर विपिन भाटी आबिद अली मोहित भाटी सचिन नागर भी मौजूद रहे
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