शारदा यूनिवर्सिटी के कृषि विभाग के छात्रों ने सीखी जैविक खेती की बारीकियां






बिलासपुर। (शफ़ी मोहम्मद सैफ़ी) शनिवार को बिलासपुर कस्बे के अंतर्गत दलेलगढ गांव के नजदीक क्षेत्र के बड़े किसान संजय भैया द्वारा जैविक खेती के अंतर्गत उगाई जा रही सब्जियों का निरक्षण करने शारदा यूनिवर्सिटी से कृषि विभाग के छात्रों की एक टीम वरिष्ठ डॉक्टर उत्प्ल के नेतृत्व में जैविक खेती के बारे में जानकारी करने पहुँची।
        किसान संजय भैया ने बताया कि आज के युग मे लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह हो गए है।जिसके लिए कीटनाशक दवाइयों से तैयार सब्जियां व फल जिम्मेदार है।उसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने दलेलगढ गाँव के नजदीक लगभग 15 एकड़ भूमि पर  जैविक खेती के द्वारा भिन्न-भिन्न किस्म की सब्जियों की फसल तैयार की है।जिसके निरक्षण के लिए आज शारदा यूनिवर्सिटी से कृषि विभाग के छात्रों  की टीम पहुची। संजय भैया ने बताया कि छात्रों की टीम को जैविक खादों से उत्पन्न फसलो का गहनता से अध्ययन किया। संजय भैया ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग जैविक खेती के बारे में नही जानते है।उन्होंने बताया कि खेती में लगातार कैमिकल का उपयोग बढ़ने से मिट्टी में जीवाणुओं की संख्या घटती जा रही है। जिसके चलते जमीन के बंजर होने का खतरा होता है। रासायनिक कीटनाशक फसल के लिए हानिकारक कीटों के साथ-साथ मित्र जीवों को भी मारते हैं। रासायनिक खादें भी मिट्टी में जीवाणुओं के पनपने में बाधा पैदा करती हैं। इसलिए सब से पहला काम है मिट्टी में जीवाणुओं की संख्या बढ़ाना। इसके लिए जरूरी है कि कीटनाशकों तथा अन्य रसायनों का प्रयोग न किया जाए। इसके अलावा उन्होंने मिट्‌टी के उपचार, रसायनरहित कीटनाशक बनाने, सूक्ष्म जीवाणु तैयार करने सहित कई अहम जानकारियां दी।डॉक्टर उत्पल दास, सी ए देवी, डॉ बदरुल हसन, डॉ प्रदीप प्रसून कुमार सिंह ,रजनीश कुमार , आस्था दुबे ,सोनू, तेजांशु ,अंबिका, सोमांश प्रकाश, श्रेयाश्री ,रिमी ,आशीष ,शिवम, अमित सिंह, तानिया सक्सेना,सुकृति ,अनामिका, पल्लवी, अंगद ,इम कुमार, विशाल, सोनी 
शारदा विश्वविद्यालय की तरफ से मौजूद रहे
इनके अलावा महेंद्र प्रधान तुगलपुर,धीरज सिंह, संजय भैया, मा. दिनेश नागर,प्रेम प्रधान, अरुण नागर,प्रसून कुमार सिंह ,रजनीश कुमार , आस्था दुबे ,सोनू, तेजांशु ,अंबिका, सोमांश प्रकाश, श्रेयाश्री ,मोनी आदि लोग मौजूद रहे।
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