ACREX इंडिया 2020, आई इ एम एल, ग्रेटर नोएडा में एक स्थायी भविष्य बनाने की दिशा में सबसे बड़े आयोजन की हुई शुरुआत

गौतमबुद्ध नगर। ACREX इंडिया 2020, आई इ एम एल, ग्रेटर नोएडा में एक स्थायी भविष्य बनाने की दिशा में सबसे बड़े आयोजन की शुरुआत
एचवीएसी (हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग) उद्योग पर आधारित दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी प्रदर्शनी; ACREX इंडिया 2020, इंडियन सोसाइटी ऑफ हीटिंग, रेफ्रिजरेटिंग और एयर कंडीशनिंग इंजीनियर्स (ISHRAE) द्वारा आयोजित और न्यूरनबर्ग मस्से इंडिया द्वारा प्रोड्यूस्ड, इंडिया एक्सपो मार्ट लिमिटेड, ग्रेटर नोएडा में आज से शुरू हो रहा है। 3-दिवसीय मेगा शो का उद्घाटन आइशर (इंडियन सोसायटी ऑफ हीटिंग, रेफ्रिजरेटिंग और एयर कंडीशनिंग) के अधिकारियों द्वारा पारंपरिक तौर पर रिबन कटिंग समारोह के साथ किया गया था, जिसके बाद अधिकारियों ने शुद्ध वायु (स्वच्छ हवा) के दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम स्थल पर पौधों को पानी से सिंचित किया । प्रदर्शनी का आगामी 21 वां संस्करण जो इनडोर एयर क्वालिटी , टिकाऊ इमारतों और एचवीएसी तकनीक पर केंद्रित है, बेल्जियम, चेक गणराज्य, मिस्र, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, कोरिया, मलेशिया, सऊदी अरब, सिंगापुर, स्पेन, स्विट्जरलैंड, ताइवान, नीदरलैंड, यूएई, यूके, यूक्रेन और यूएसए सहित 25 से अधिक देशों से आये एक्सहिबीटर्स और विसिटोर्स की भागीदारी का गवाह बनने जा रहा है।

यहां स्वच्छ हवा और IAQ  से संबंधित , "शुद्ध वायु दीर्घ आयु (अनुवाद: स्वच्छ हवा, लंबी आयु) शीर्षक से एक लाइव प्रदर्शनी प्रदर्शित की जाएगी, जिसमें नए बनाये जा रहे घरों को डिजाइन करने की उन्नत तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करते हुए और उनको सपोर्ट देने वाले और नेचुरल वेंटिलेशन देने वाले मैकेनिकल सिस्टम को 3- दिवसीय B2B शो के दौरान विज़िटर्स और प्रदर्शकों के सामने  प्रस्तुत किया जाएगा; प्रदर्शनी में विज़िटर्स को यह जानकारी दी जाएगी कि कैसे मैकेनिकल साधनों और एचवीएसी सिस्टम के माध्यम से, इनडोर स्रोतों से आने वाले इनडोर वायु जनित प्रदूषकों को समाप्त या डाइल्यूट किया जा सकता है और यह कैसे दूषित पदार्थों के स्तर को कम करता है और आईएक्यू (IAQ) में सुधार करता है। अन्य दिनों में चलने वाले अन्य प्लेनरी और टेक्निकल सेशंस में उद्योग से संबंधित विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा अपने विषय पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी । 
सुशील के. चौधरी, अध्यक्ष ACREX इंडिया 2020 के चेयरमैन ने कहा “जैसा कि हम सरकारी क्षेत्र के आर्किटेक्ट, बिल्डरों, घर के मालिकों और नीति निर्माताओं को इस शो में दिखाया है, हम उपयुक्त नीतियों और दिशानिर्देशों बना कर अपने साथी नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। प्रदर्शनी का एक विशिष्ट शो-एंड-टेल  फॉर्म विशेष एसवीडीए लाइव एक्सपीरियंस सेंटर है। ACREX इंडिया 2020 के दौरान अंतर्राष्ट्रीय संघ प्रमुखों का एक पावर-पैक्ड डेलीगेशन, जिसमें अब तक का सबसे अधिक अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शक शामिल हुए है, यह सुनिश्चित करेगा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत और ACREX इंडिया को आक्रामक रूप से कैसे बढ़ावा दिया जाए। "  
ACREX इंडिया द्वारा प्रदान किए जाने वाले अवसरों पर टिप्पणी करते हुए, बोर्ड की अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, सुश्री सोनिया प्रसाद, न्यूर्नबर्गमेस इंडिया ने कहा , “भारतीय एचवीएसी एंड बाजार जल्दी ही अगले पांच वर्षों में  6 बिलियन USD के निशान को पार करने के लिए दौड़ लगा रहा है, जो इसे भारतीय उप-महाद्वीप में एक स्थान पाने के लिए प्रयत्नरत अंतरराष्ट्रीय बाजार के प्रत्येक निर्माता के लिए अनिवार्य बनाता है ।ACREX इंडिया 2020 सभी स्टेकहोल्डर्स और डिसीजन मेकर्स तक पहुंचने के लिए एचवीएसी और आर उद्योग से जुड़े सभी लोगों के लिए एक मूल्यवान मंच बनाता है। ”  
सैनहुआ इंडिया के कंट्री हेड,श्री सौरभ भनोट, के अनुसार  “ सैनहुआ में हम यह विश्वास करते हैं कि हमारे उद्योग के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकियों को बनाने के लिए हमारे संबंधित व्यवसाय के अनुसंधान और विकास में हमे गहराई से शामिल होना चाहिए। इसलिए दुनिया के सभी प्रमुख एचवीएसी निर्माता इनोवेशन, विश्वसनीयता और प्रदर्शन के लिए सैनहुआ कंपोनेंट्स पर निर्भर हैं। सैनहुआ दुनिया भर में एचवीएसी एंड आर उद्योगों के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी समाधानों को बनाने का नेतृत्व करना जारी रखेगा और भारत के बाजार के लिए अधिक मूल्यवान उत्पादों को निवेश करना और उपलब्ध करना जारी रखेगा। सैनहुआ Acrex के साथ एक समय- प्रतिष्ठित संबंध रखता है और Acrex 2020 के लिए कर्टेन रेज़र पार्टनर के रूप में उसे जारी रखने के लिए  प्रसन्न है। "  

ऊँची इमारतों की बढ़ती संख्या के साथ, राष्ट्र में शॉपिंग मॉल / सेंटर्स, हाइपरमार्केट और स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट का श्रेय भारतीय एचवीएसी बाजार को दिया जाता है, जिसके 2024 तक  5.9 USD बिलियन तक पहुंचने की संभावना है।उन्नति करते इंफ्रास्ट्रक्चर -आधारित विकास, तकनीकी प्रगति और बढ़ती पर्यटन गतिविधियाँ, चरम जलवायु परिस्थितियाँ, बढ़ती डिस्पोजेबल आय, वाणिज्यिक और आवासीय दोनों क्षेत्रों में बढ़ती निर्माण गतिविधियाँ, चिकित्सा पर्यटन और आईटी और आईटीईएस क्षेत्र का विस्तार, विभिन्न सरकारी पहलों के साथ मिलकर ऊर्जा दक्षता में सुधार लाने के उद्देश्य से  इस उछाल में सहायता करने वाले अपेक्षित कुछ अन्य प्रमुख कारक हैं।


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