शारदा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ़ एजुकेशन  द्वारा सुरक्षा फाउंडेशन ट्रस्ट और गौतम बुद्ध नगर के ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से ‘सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा’ नाम से सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया








ग्रेटर नोएडा। शारदा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ़ एजुकेशन  द्वारा सुरक्षा फाउंडेशन ट्रस्ट और गौतम बुद्ध नगर के ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से ‘सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा’ नाम से सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में नॉएडा के पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री अनिल कुमार झा ने कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित छात्रों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
मुख्य अतिथि का स्वागत शारदा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. जी.आर.सी. रेड्डी ने स्मृति चिन्ह देकर किया। इस सड़क सुरक्षा कार्यक्रम में शारदा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एजुकेशन की डीन प्रोफेसर आरती कौल काचरू, संयुक्त रजिस्ट्रार डॉ. अजित कुमार, सुरक्षा फाउंडेशन के उपाध्यक्ष विजय कुमार, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता नागेश, नॉलेज पार्क थाना प्रभारी बलजीत सिंह, स्कूल ऑफ एजुकेशन के सारे संकाय सदस्य और अधिकारियो के साथ लगभग पांच सौ विधार्थियों ने शामिल होकर सड़क सुरक्षा सम्बंधित ज्ञान अर्जन किया।
              कुलपति डॉ. जी.आर.सी. रेड्डी ने कहा हर साल भारत में सड़क दुर्घटनाओं में २ लाख से अधिक लोग मारे जाते हैं और लाखों लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं। आज सड़क यातायात की चोटें 5-29 वर्ष की आयु के बच्चों और युवाओं की मौत का प्रमुख कारण हैं। गत वर्ष सड़क हादसों में सबसे अधिक मौतें उत्तर प्रदेश में हुई है। उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की दिन प्रतिदिन संख्याओं में निरंतर वृद्धि को देखकर सुरक्षा फाउंडेशन ट्रस्ट और शारदा विश्विद्यालय के स्कूल ऑफ़ एजुकेशन ने साथ मिलकर सड़क हादसों को कम करने के लिए जो  मुहीम शुरू की गई है, मैं उसकी प्रशंशा करता हूँ।
            मुख्य अतिथि श्री अनिल कुमार झा पुलिस अधीक्षक (यातायात) गौतम बुद्ध नगर ने अपने सम्बोधन में सभी से अपील की कि सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाना सबसे बेकार बात है, इसलिए सभी को सड़क पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए और निर्धारित यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि गौतमबुद्ध नगर ट्रैफिक पुलिस नागरिकों को यातायात नियमों का पालन करने और सड़क पर किसी भी तरह के दुर्घटना से बचने के लिए पूरी कोशिश करती है। फिर भी हर रोज बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और ज्यादातर मामलों में युवा इसके शिकार होते हैं। इसलिए उन्होंने सभी छात्रों से यातायात नियमों का पालन करने और अपना कीमती जीवन बचाने की अपील की।  श्री झा ने छात्रों से संवेदनशील बनने का आह्वाहन किया | उन्होंने उदाहरण दिया की विराट कोहली के शून्य पर आउट होने पर हम उदासीन हो जाते हैं जबकि कोई सड़क पर दुर्घटनावश गिरा हुआ मिलता है तो हम देखकर आगे बढ़ जाते हैं | उन्होंने इस तरह के उपयोगी कार्यक्रम के आयोजन के लिए शारदा विश्वविद्यालय और सुरक्षा फाउंडेशन ट्रस्ट को धन्यवाद दिया।
                कार्यक्रम की संयोजक और स्कूल ऑफ एजुकेशन की डीन प्रोफेसर आरती कौल काचरू डीन ने इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की "सड़क सुरक्षा" जागरूकता कार्यक्रम में रूचि देखकर प्रशंशा की और उन्होंने छात्रों से सड़क पर सतर्क रहने और किसी भी सड़क दुर्घटना से खुद को बचाने की अपील की क्योंकि उनका जीवन इस राष्ट्र के विकास में योगदान देने के लिए है। कार्यक्रम के समन्वयक सहायक प्रोफेसर रुचि सक्सेना और डॉ निशी त्यागी ने भी सड़क दुर्घटनाओं में जानमाल के भारी नुकसान पर चिंता व्यक्त की और छात्रों से किसी भी मामले में सड़क दुर्घटनाओं से बचने का अनुरोध किया।
             सुरक्षा फाउंडेशन के उपाध्यक्ष विजय कुमार ने इस उपयोगी कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए शारदा विश्वविद्यालय और गौतमबुद्ध नगर यातायात पुलिस का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि सुरक्षा फाउंडेशन एक गैर सरकारी संगठन है जो सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करता है। विभिन्न शिक्षण संस्थानों में सड़क सुरक्षा पर एक नियमित जागरूकता कार्यक्रम ट्रस्ट द्वारा संचालित किया जाता है। चूंकि सड़क दुर्घटनाओं में युवा सबसे कमजोर समूह होते हैं, ऐसे कार्यक्रमों का संचालन करके उन्हें जागरूक करना बहुत महत्वपूर्ण है। जागरूकता कार्यक्रम में भाग लेने के लिए छात्रों को सुरक्षा फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा स्मृति चिन्ह के रूप में एक टी-शर्ट, नोट पैड और पेन दिया गया।

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