एसएसपी वैभव कृष्ण के मुद्दे पर डीजीपी ओपी सिंह ने शुक्रवार को की प्रेस कांफ्रेंस।
 एडीजी रेंज मेरठ से  मांगी रिपोर्ट।  एसएसपी नोएडा से स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया।
विभाग से जुड़े किसी भी विषय के दस्तावेज लीक करना गैरकानूनी। ओ पी सिंह

नोएडा एसएसपी वैभव कृष्ण के मुद्दे पर डीजीपी ओपी सिंह ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मामले पर एडीजी रेंज मेरठ से रिपोर्ट मांगी गई है और एसएसपी नोएडा से स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि मामले में एडीजी रेंज मेरठ ने 26 दिसंबर को 15 दिन का और वक्त मांगा था। हमने उन्हें 15 दिन का समय दिया। वहीं, मामले पर गोपनीय दस्तावेज लीक करने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि विभाग से जुड़े किसी भी विषय के दस्तावेज लीक करना गैरकानूनी है। इसमें सर्विस नियमों का उल्लंघन किया गया है।गौरतलब है कि बुधवार को एसएसपी गौतमबुद्घनगर  वैभव कृष्ण का कथित अश्लील वीडियो वायरल हो गया था। बृहस्पतिवार को एसएसपी ने इस वीडियो को अपने खिलाफ साजिश बताते हुए गौतमबुद्घ नगर सेक्टर 20 थाने में एफआईआर दर्ज कराई।डीजीपी के निर्देश पर इस मामले की जांच हापुड़ के एसपी संजीव सुमन को सौंपी गई और इसके पर्यवेक्षण के लिए एडीजी रेंज मेरठ आलोक सिंह को जिम्मेदारी दी गई।  इसी दौरान एसएसपी की ओर से शासन को पूर्व में लिखा गया पत्र भी वायरल हो गया जिसमें पांच आईपीएस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठा गए थे।गौतमबुद्धनगर के एसएसपी ने कथित वायरल वीडियो पर पर सफाई दी थी। एसएसपी वैभव कृष्ण ने कहा था कि उनके नाम से तीन फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं, जिनमें पीछे से किसी लड़की की आवाज सुनाई दे रही है।
यह वीडियो साजिश के तहत उन्हें बदनाम करने के लिए वायरल किए गए हैं। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में एसएसपी लेटे हुए लड़की से चैटिंग कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस वीडियो को चैट करने वाली लड़की ने खुद ही रिकॉर्ड किया है और फिर उसे वायरल कर दिया।

इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले में मेरठ जोन के आईजी से रिपोर्ट मांगी है। सीएम ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया । उन्होंने आईजी रेंज मेरठ आलोक सिंह से जांच रिपोर्ट मांगी है।
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