शारदा विश्विद्यालय के स्कूल ऑफ़ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च के मनोरोग चिकित्सा  विभाग के तत्वावधान में 7 दिसम्बर  2019 शनिवार को चिकित्सा शिक्षा में निरंतर वृद्धि के लिए मनोवैज्ञानिक विकारों पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है । कार्यक्रम का थीम है " साइकोसेक्सुअल डिसऑर्डर
- भारतीय परिपक्ष्य "| इस कार्यक्रम में प्रख्यात मनोचिकित्सक डॉ आर सी जिलोहा सहित राष्ट्रीय स्तर के सैकड़ों मनोचिकित्सक भाग ले रहे हैं |
       अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, सफदरजंग अस्पताल, किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज, भारतीय चिकित्सा संघ और दिल्ली -एनसीआर से प्रसिद्ध और विशेषज्ञ मनोरोग चिकित्सक यौन विकारों और उनके प्रबंधन पर अपने विचारो और अनुभवों से रुबरु कराएँगे | इस कार्य्रक्रम का मुख्य उद्देश्य निरंतर चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ सामान्य मनोवैज्ञानिक विकार, पौराणिक मिथक और नई प्रवर्तियो की जानकारी को भी साँझा करना है । इस कार्यक्रम में एम.बी.बी.एस के छात्र और विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के स्नातकोत्तर  विधार्थी भाग लेंगे |
         स्कूल ऑफ़ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च के मनोरोग चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ कुणाल कुमार का कहना है की इस कार्यक्रम के माध्यम से शारदा मेडिकल कॉलेज के मनोरोग चिकित्सा में पढ़ रहे युवा डॉक्टरों के साथ साथ आसपास के मनोरोग चिकित्सा में पढ़ाई करने वाले डॉक्टरों को भी इस क्षेत्र में हो रहे नए नए रिसर्चों के बारे में जानकारी मिलेगी | डॉ कुणाल के अनुसार यह अपने तरह का जिले में पहला आयोजन है इस तरह का जिसमे आम आदमी के योन रोग से जुड़े समस्यायों तथा भ्रांतियों पर प्रकाश डाला जायेगा | शारदा विश्वविधालय के चांसलर पी के गुप्ता ने डॉ कुणाल कुमार तथा उनकी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा है की इस तरह के उपयोगी कार्यक्रम के आयोजन से युवा डॉक्टरों को काफी कुछ सिखने को मिलेगा |
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