शारदा हॉस्पिटल में बाँझपन का आधुनिकतम तकनीकों द्वारा उपचार शुरू हो चूका है । हॉस्पिटल के प्रसूति विभाग की डॉ. शेहला जमाल ने पहली आईयूआई (IUI) से एक महिला का गर्भावस्था का इलाज किया । उन्होंने बताया की पिछले ८ वर्षो से यह महिला गर्भवती नहीं हो पा रही थी और काफी परेशान थी और आईवीएफ(IVF) और आईसीएसआई (ICSI) जैसी महंगी तकनीकों से इलाज के लिए महिला के पास पैसा नहीं थे फिर ये महिला शारदा हॉस्पिटल आई और  प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की  डॉ. शेहला जमाल से मिली। डॉ. शेहला जमाल ने महिला को आईयूआई तकनीक के बारे में बताया इसके बाद आईयूआई सहायक प्रजनन तकनीक से महिला को गर्भवती होने में मदद की गई।  महिला गर्भवती हुई और एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। महिला अपने बच्चे को देखकर फूली  नहीं समा रही और बार-बार शारदा हॉस्पिटल और डॉ. शेहला जमाल को  धन्यवाद दे रही है हॉस्पिटल में मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।
            डॉ. शेहला जमाल ने बताया की आईयूआई (IUI) यानी इंट्रायूटेरिन इनसेमिनेशन एक कृत्रिम  प्रक्रिया है जिसमें सीधे आपके गर्भाशय के अंदर शुक्राणु डाले जाते हैं, जो स्वस्थ शुक्राणु को आपके अंडे के करीब पहुंचने में मदद करती है। यह शुक्राणु के अंडे तक पहुँचाने वाले समय और दूरी को कम करती है, जिससे अंडा आसानी से उर्वरक हो सकता है। पुरुष में शुक्राणु की कमी या कमजोरी में ये तकनीक खासतौर से सहायक होती है । शारदा हॉस्पिटल में आईयूआई (IUI) तकनीक द्वारा महिलाओ का उपचार न्यूनतम शुल्क पर किया जा रहा है और शीघ्र ही शारदा हॉस्पिटल में  आईवीएफ(IVF) और आईसीएसआई (ICSI) की सुविधाओं का लाभ भी उठाया जा सकेगा ।
         शारदा हॉस्पिटल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशुतोष निरंजन ने विभागाध्यक्ष डॉ निम्मी चुट्टानी को बधाई दिया तथा शारदा अस्पताल के क्षेत्र के निवासियों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की वचनबढ्ता दुहराई |

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