शारदा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज में "दंत प्रत्यारोपण" पर एक दिवसीय प्रयोगशाला का आयोजन


ग्रेटर नोएडा।  शारदा विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज ने जर्मन डेंटल सेण्टर और कंसर्न-32 के  साथ संयुक्त रूप से  "दंत प्रत्यारोपण " पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया । दुबई के दंत चिकित्सक और ओरल सर्जन विशेषज्ञ डॉ. हमदी अल बन्ना इस कार्यशाला में वक्ता के रूप में उपस्थित थे ।डॉ. हमदी अल बन्ना का स्वागत शारदा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज के डीन डॉ. एम. सिद्धार्थ और स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज के विभागाध्यक्ष डॉ. पवन एम. पाटिल ने किया ।इस प्रयोगशाला के समन्वयकर्ता डॉ. नितिन भगत, शारदा स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. शिल्पा चोपड़ा, डॉ. नीतिका जैन, डॉ. सोमयोजित बागची और दिल्ली एनसीआर से आये 200 दन्त  चिकित्सक भी उपस्थित थे।स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज के डीन डॉ. एम. सिद्धार्थ ने कहा की दुबई में 3 आई बायोमेट्रिक इम्प्लांट के सलाहकार और वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. हमदी अल बन्ना हमारे बीच मौजूद है जो हमें दन्त चिकित्सा के अपने ज्ञान और अनुभव को हमारे साथ साँझा करेंगे ।डॉ. हमदी अल बन्ना ने ओरल सर्जरी,इम्प्लांट कोर्स, केस सिलेक्शन, डायग्नोसिस, ट्रीटमेंट प्लानिंग, मरीजों को समझाने और विभिन्न उपचार के तौर-तरीके, प्रत्यारोपण का आकार और चौड़ाई का चयन,फ्लैप तकनीक, सुटिंग तकनीक और दूसरे चरण की सर्जरी के बारे में अपना अनुभव और ज्ञान साँझा किया।
स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज के विभागाध्यक्ष डॉ. पवन एम. पाटिल ने कहा की डेंटल इम्प्लांट के लिए असली दांतों की ही तरह देखभाल की आवश्यकता होती है, जिसमें ब्रश करना, फ्लॉसिंग, एक एंटीबैक्टीरियल माउथवाश के साथ रिंसिंग और नियमित डेंटल चेक-अप शामिल हैं।कार्यशाला के अंत में विभागाध्यक्ष डॉ. पवन एम. पाटिल ने डॉ. हमदी अल बन्ना को  स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया और धन्यवाद ज्ञापन किया ।
Share To:

Post A Comment: