जो वीर को वश में करले उसे महावीर कहते हैं
मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरा न कोई



आज छठवें दिन परम पूज्य संत विजय कौशल जी महाराज द्वारा अल्फा 2 एच ब्लॉक ग्रीन बेल्ट में चल रही हनुमंत कथा में पूरा पंडाल दर्शको से भरा रहा।कौशल जी महाराज ने आज मीरा की कथा का वर्णन विस्तार पूर्वक किया।मीरा को मारने के लिए अनेक प्रयत्न किये गए।उन्हें प्रसाद में विष मिलाकर दिया गया  जिसे वो प्रसाद समझकर पी गई।राणा के सैनिकों द्वारा ज्यादा परेशान करने पर मीरा वृन्दावन छोड़कर द्वारका चली गयी।ओर वहाँ जाकर द्वारकाधीश में समा गई।उसके बाद हनुमंत कथा का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया वीर में 5 लक्षण होते है। विद्यावान,ज्ञानवान,धर्मवान,रणवीर ओर दानवीर।ओर ये पाचो ही भगवान राम में थे।जो वीर को वश में करले उसे महावीर कहते है,हनुमान जी ने भगवान राम को अपने वशीभूत किया हुआ था इसलिए उन्हें महावीर कहते हैं।
संरक्षक मंजीत सिंह ने बताया महाराज द्वारा बताए गए वर्णन मैं जब मनुष्य की मृत्यु होती है उस समय मनुष्य के मन मे जो बात होती है उसका अगला जन्म भी उसी कार्य को पूरा करने के लिए होता है।आज कथा में राकेश अग्रवाल,राजेन्द्र अग्रवाल,एन के अग्रवाल,अंकुर मित्तल,अशोक अग्रवाल,आशीष गुप्ता,अनिल चौधरी,नवीन जिंदल,पवन शर्मा,कुलदीप शर्मा,सौरभ बंसल ,मुकुल गोयल,उमेश बंसल,सत्यप्रकाश अग्रवाल,मनजीत सिंह,पी पी मिश्रा,मनोज गर्ग , सतीश गुलिया,रवि शर्मा,कपिल गुप्ता,ललित शर्मा,जी पी गोस्वामी,गौरव उपाध्याय,जितेंद्र त्रिपाठी,संजीव सालवान,देवीशरण शर्मा,सुरेश पचौरी,वैभव बंसल ,धनप्रकाश शर्मा,अमरजीत सिंह,अरविंद तिवारी,सरोज तोमर,बीना भाटी,यतेंद्र शर्मा,मेघराज भाटी,अजब सिंह,गिरीश गुप्ता,गिरीश जिंदल,के के शर्मा,अमित गोयल,आदि लोग उपस्थित रहे।


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