आज स्कूल ऑफ़ बौद्ध स्टडीज़ एंड सिविलाइज़ेशन ने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (IBC) के कार्यकारी निदेशक, श्री गोविंद एस खम्पा का स्वागत किया
है।

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय को अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (IBC) के तहत लाभार्थी विश्वविद्यालय पाँच में से एक के रूप में चुना गया है [भारत सरकार के तहत चलने वाला एक संगठन, जो बौद्ध विद्वानों और सभी नेताओं के लिए एक मंच है] आगामी शैक्षणिक सत्र (2020-21) से छात्रवृत्ति योजना शुरू होने जा रही है। केवल 4-5 विश्वविद्यालय ही लाभार्थी बनने जा रहे हैं और GBU भी उनमें से एक है। माननीय कुलपति प्रो भगवती प्रकाश शर्मा को सूचित किया गया है।

आई॰बी॰सी॰ की इस छत्रवृति का मुख्य ध्येय है ऐसे विदेशी छात्रों को छत्रवृति देना है जो भारत में बौद्ध अध्ययन की शिक्षा ग्रहण करना को इच्छुक हैं। इसी क्रम में IBC ने जुलाई २०१९ में एक सिम्पोज़ीयम दिल्ली में किया था जिसमें ३८ देशों के बौध विद्वानों एवं बौध मठों के मठाधीश को आमंत्रित किया था तथा साथ ही देश के उन सभी विश्वविद्यालयों को भी आमंत्रित किया गया था। देश के सभी आमंत्रित विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने अपने अपने विश्वविद्यालयों में चल रही बौद्ध अध्ययन के कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। भाग लेने वाले विश्वविद्यालयों में दिल्ली विश्वविद्यालय, पुणे विश्वविद्यालय, बीएचयू, नव नालन्दा, नालंदा,  केंद्रीय संस्थान उच्च तिबेटी, सारनाथ, इत्यादि शिक्षण संस्थानों ने भाग लिया।

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय  का प्रतिनिधित्व अन्तराष्ट्रीय मामलों के निदेशक डॉ अरविंद कुमार सिंह ने किया था।

उस अन्तराष्ट्रीय संगोष्ठी में आए  सभी प्रतिभागियों द्वारा सुझाए गए बातों  ध्यान में रखते हुए आई॰बी॰सी॰ ने यह निर्णय  लिया  कि वैसे विदेशी छात्रों  को छत्रवृति दी जाएगी  जो भारत में बौध अध्ययन को इच्छुक हैं। इस योजना  तहत पूरे देश  से कुल ४-५ विश्वविद्यालय को ही चयनित किया गया है। इन्हीं विश्वविद्यालय में दाख़िला लेने वाले विदेशी छात्रों को ही इस छत्रवृति का लाभ मिल सकेगा।
इस छात्रवृति के लिए चयनित विश्वविद्यालयों में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय भी है।

यह छात्रवृत्ति उन विदेशी नागरिकों को प्रदान की जाएगी जो भारत में बौद्ध धर्म का अध्ययन करने के लिए इच्छुक हैं। इसके बारे में आधिकारिक पत्र जल्द ही हमारे पास पहुंच जाएगा।

अब गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) और अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (IBC) के साथ जुड़ा हुआ है !!! दोनों संगठन भारत में अध्ययन करने के लिए विदेशी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करते हैं।

आगामी शैक्षणिक सत्र (२०२०-२१) में भारत सरकार की छात्रवृत्ति के तहत अधिक छात्रों को प्राप्त करने की आशा है।

इसी जानकारी  को साझा करने हेतु आईबीसी के श्री गोविंद एस खमपा विश्वविद्यालय आए और यह जानकारी कुलपति प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा से मिले। तत्पश्यचात उन्होंने विश्वविद्यालय के बौध अध्ययन विभाग का भी भ्रमण किया एवं साथ ही संकाय सदस्यों से बातचीत की। श्री खमपा  ने विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों को दी जानेवाली सुविधाओं को भी देखा और समझा। विदेशी छात्रों को दी जानेवाली सुविधाओं को देखऔर समझ के वो काफ़ी सन्तुष्ट थे।

डॉ अरविन्द कुमार सिंह के अलावा इस बातचीत में डॉ प्रियसेन सिंह, डॉ ग्योरमेट डोरजे, डॉ चन्द्रशेखर पासवान, डॉ प्रियदरसिनी मित्तरा, विक्रम यादव, इत्यादि।

आज स्कूल ऑफ़ बौद्ध स्टडीज़ एंड सिविलाइज़ेशन ने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (IBC) के कार्यकारी निदेशक, श्री गोविंद एस खम्पा का स्वागत किया है।

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय को अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (IBC) के तहत लाभार्थी विश्वविद्यालय पाँच में से एक के रूप में चुना गया है [भारत सरकार के तहत चलने वाला एक संगठन, जो बौद्ध विद्वानों और सभी नेताओं के लिए एक मंच है] आगामी शैक्षणिक सत्र (2020-21) से छात्रवृत्ति योजना शुरू होने जा रही है। केवल 4-5 विश्वविद्यालय ही लाभार्थी बनने जा रहे हैं और GBU भी उनमें से एक है। माननीय कुलपति प्रो भगवती प्रकाश शर्मा को सूचित किया गया है।

यह छात्रवृत्ति उन विदेशी नागरिकों को प्रदान की जाएगी जो भारत में बौद्ध धर्म का अध्ययन करने के लिए इच्छुक हैं। इसके बारे में आधिकारिक पत्र जल्द ही हमारे पास पहुंच जाएगा।

अब गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) और अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (IBC) के साथ जुड़ा हुआ है !!! दोनों संगठन भारत में अध्ययन करने के लिए विदेशी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करते हैं।

आगामी शैक्षणिक सत्र (२०२०-२१) में भारत सरकार की छात्रवृत्ति के तहत अधिक छात्रों को प्राप्त करने की आशा है !!!
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