मानव संसाधन  विकास मंत्रालय द्वारा प्राध्यापक एवं पत्रकार डॉ. सतीश शर्मा शिक्षा पुरस्कार के लिए विशेषज्ञ नामित


ग्रेटर नोएडा। गौतम बुध नगर जिले के प्राध्यापक एवं पत्रकार डॉ सतीश शर्मा जाफराबादी को भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा केंद्रीय हिंदी निदेशालय की शिक्षा पुरस्कार योजना 2018 के लिए विशेषज्ञ मनोनीत किया गया है।
   केंद्रीय हिंदी निदेशालय की निदेशक गांधारी द्वारा डॉ. शर्मा को विषय विशेषज्ञ मनोनीत करने पर जिले भर के पत्रकार और प्राध्यापक बंधुओं ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
      मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय हिंदी निदेशालय द्वारा प्रतिवर्ष राजनीति, शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा, कृषि, अभियांत्रिकी, पर्यावरण, संगीत एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर हिंदी  तथा हिंदीतर भाषी लेखकों द्वारा हिंदी में प्रकाशित उत्कृष्ट मौलिक पुस्तकों पर प्रतिवर्ष  पांच पुरस्कार राष्ट्रीय स्तर पर प्रदान किए जाते हैं। इस संबंध में वर्ष 2018 के अंतर्गत जिन लेखकों को शिक्षा पुरस्कार योजना के लिए चयनित किया जाएगा। उनमें देशभर के चुनिंदा विद्वानों के साथ जाफराबाद गांव के मूल निवासी सतीश शर्मा का चयन केंद्रीय हिंदी निदेशालय द्वारा किया गया है। उन्हें यह सम्मान दूसरी बार प्राप्त हुआ है। इससे पूर्व वर्ष 2012 और 2014 में केंद्रीय हिंदी निदेशालय से ' हिंदी का प्रयोजनमूलक स्वरूप' और 'भारतीय पत्रकारिता:नए क्षितिज' ग्रंथों के लिए सरकारी अनुदान प्राप्त हो चुका है। इसके अलावा सतीश शर्मा केंद्रीय हिंदी निदेशालय की विभिन्न योजनाओं में देश के हिंदीतर अनेक प्रांतों में बतौर विषय विशेषज्ञ विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपने व्याख्यान प्रस्तुत कर चुके हैं। वर्तमान में डॉक्टर शर्मा चौधरी हरचंद सिंह महाविद्यालय खुर्जा बुलंदशहर में हिंदी विभाग के अध्यक्ष दनकौर से 'हिंदुस्तान' अखबार से जुड़े हुए हैं। गत 27 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े सतीश शर्मा जाफराबादी की प्रयोजनमूलक हिंदी, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, पत्रकारिता, हिंदी भाषा, व्याकरण और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ में स्नातक और परास्नातक स्तर पर दो दर्जन से अधिक संपादित और संदर्भ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। 2002 में पत्रकारिता के विषय पर पीएचडी की उपाधि करने के उपरांत चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2014 में डी. लिट् की उपाधि प्राप्त करने वाली शर्मा अपने विषय में सबसे कम उम्र के स्कॉलर रहे हैं।
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