शारदा विश्वविद्यालय के प्रांगण में अंतराष्ट्रीय सहयोग परिषद के साथ विदेशी छात्रों के लिए दीपावली  उत्सव आयोजित किया

गया । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विदेशी छात्रों ने भाग लिया। विदेशी छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। शारदा विश्वविद्यालय  ने  दीपावली मनाने के लिए विदेशी छात्रों के लिए विशेष आकर्षण बनाए गए थे।
              इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा के माननीय अध्यक्ष - श्री ओम बिड़ला  के साथ  डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी - प्राथमिक शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार और डॉ. महेश शर्मा - संसद के माननीय सदस्य और पूर्व केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री भी अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कई दूतावासों / उच्च आयोगों के राजनयिकों सहित अन्य गणमान्य लोग भी आयोजन में  उपस्थित थे।
माननीय अध्यक्ष - श्री ओम बिड़ला जी का स्वागत शारदा विश्वविद्यालय के चांसलर श्री प्रदीप कुमार गुप्ता,  प्रो. चांसलर श्री वाई. के. गुप्ता, वाईस चांसलर  डॉ. जी. आर. सी. रेड्डी, रजिस्ट्रार अशोक कुमार सिंह, निदेशक अशोक दरयानी, सुमीत राणा ने किया।
           विश्वविद्यालय के चांसलर श्री प्रदीप कुमार गुप्ता ने मुख्य अतिथि का शारदा विश्वविद्यालय में आने के लिए धन्यवाद किया और कहा की  'यह हमारे लिए बहुत गर्व और खुशी का मौका है की लोकसभा के माननीय अध्यक्ष - श्री ओम बिड़ला  इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्तिथ हैं। श्री बिरला जी गुणवत्ता, निपुणता और तत्परता  की छवि के व्यक्ति है । वे विभिन्न माध्यमों के द्वारा सामाजिक सेवा, राष्ट्र सेवा, गरीब, वृ्द्ध, विकलांग और असहाय महिलाओं की सहायता करने में रुचि रखते हैं।परिचय में कहा की उन्होंने निर्धन, असहाय एवं जरूरतमन्द व्यक्तियों को निःशुल्क भोजन कराने हेतु सामुहिक प्रयासों से ''प्रसादम'' प्रकल्प की स्थापना की. जन सहयोग से संचालित प्रकल्प के माध्यम से जरूरतमन्द व्यक्तियों की सेवा का उनका यह अभियान लगातार जारी है.
          प्रो. चांसलर श्री वाई. के. गुप्ता ने कहा की "दीपावली" शब्द में दो शब्द हैं। "दीप" शब्द का अर्थ है "प्रकाश" और शब्द "अवली" का अर्थ है "एक पंक्ति"। इसलिए, "दीपावली" का अर्थ है "रोशनी की एक पंक्ति"। उन्होंने मुख्य अतिथि का अभिनन्दन करते हुए कहा की माननीय ओम बिरला जी की पहचान पर्यावरण संरक्षण उपायों के लिए भी है। उन्होंने ग्रीन कोटा मिशन के तहत पेड़ लगाने के लिए लोगों को काफी प्रेरित किया। शहर में प्रदूषण का प्रभाव कम करने और हरियाली लौटाने के लिए इस अभियान के दौरान कोटा में 1 लाख पौधे लगाए  और "ग्रीन कोटा वन अभियान" लॉन्च किया।
माननीय डॉ. महेश शर्मा ने कहा की में आज यह जनप्रतिनिधि के रूप में आया हूँ । उन्होंने शारदा विश्वविद्यालय के लिए कहा की यह संस्था  देश ही नहीं विदेश में भी भारतीय शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठा रही है ।
         डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने अपनी भावनाओ को "ॐ असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय।मृत्योर्मामृतं गमय ॥" श्लोक के माध्यम से शुरू किया । उन्होंने प्रांगण में उपस्तिथ सभी को दीपावली की शुभकामनाये दी ।
         अंतराष्ट्रीय सहयोग परिषद के अध्यक्ष श्री वीरेंदर कुमार गुप्ता ने कहा की अंतराष्ट्रीय सहयोग परिषद, प्रवासी भारतीय मामलों, विदेश मामलों और संस्कृति के लिए मंत्रालयों / विभागों के साथ भारत सरकार की चिंताओं के साथ प्रवासी भारतीयों के लिए एक आवाज के रूप में कार्य करता है। अंतराष्ट्रीय सहयोग परिषद की व्यापक गतिविधियों में सांस्कृतिक, शैक्षिक, सामाजिक और सभ्यता संबंधी मामलों, यात्रा और पर्यटन, आर्थिक लिंक पर कार्यक्रम शामिल हैं।
        वाईस चांसलर  डॉ. जी. आर. सी. रेड्डी ने कहा की शारदा विश्वविद्यालय में ८० देशो के विद्यार्थी यह से शिक्षा के साथ साथ भारतीय संस्कृति भी ग्रहण कर रहे हैं
ओम बिड़ला ने अपने सम्बोधन में कहा की  ‘अनेकता में एकता’ सिर्फ कुछ शब्द नहीं हैं, बल्कि यह एक ऐसी चीज़ है जो भारत जैसे सांस्कृतिक और विरासत में समृद्ध देश पर पूरी तरह लागू होती है। कुछ आदर्श वाक्य या बयान, भारत के उस दर्जे को बयां नहीं कर सकते जो उसने विश्व के नक्शे पर अपनी रंगारंग और अनूठी संस्कृति से पाया है।  रिश्तों में गर्माहट और उत्सवों में जोश के कारण यह देश विश्व में हमेशा अलग ही नजर आया। इस देश की उदारता और जिंदादिली ने बड़ी संख्या में सैलानियों को इस जीवंत संस्कृति की ओर आकर्षित किया, जिसमें धर्मों, त्यौहारों, खाने, कला, शिल्प, नृत्य, संगीत और कई चीजों का मेल है। ‘देवताओं की इस धरती’ में संस्कृति, रिवाज़ और परंपरा से लेकर बहुत कुछ खास रहा है।
 शारदा विश्वविधालय के संदीप राणा , सुमीत राणा, इंद्रपाल सिंह, भीष्म अत्रि इत्यादि कार्यक्रम का संयोजन किया |
  
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