दनकौर। दनकौर डाकघर में हुए लाखों के घोटाले का शिकार हुए ग्राहकों ने विभाग द्वारा पैसा नहीं दिए जाने पर डाकघर का ताला जड़कर उप डाक अधीक्षक को बंधक


बनाकर धरने पर बैठा लिया। घंटों चली जद्दोजहद और हंगामे के बाद उप डाक अधीक्षक के लिखित आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।

     मई माह में डाकखाने के एक पूर्व पोस्ट मास्टर प्रवीण सिंह द्वारा कई दर्जन ग्राहकों का 19 लाख रुपए का गबन कर लिया गया था। इस संबंध में डाक विभाग के अधिकारी द्वारा दनकौर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पूर्व पोस्टमॉस्टर जेल में है। 21 जून को डाक घोटाले का शिकार हुए उपभोक्ताओं ने डाकघर पर प्रदर्शन कर डाक अधिकारी को बंधक बनाकर धरना दिया था। घोटाले के शिकार ग्राहक अरुण कुमार सिंघल ने बताया कि जून माह में विभाग के अधिकारियों ने उनका पैसा वापस करने के लिए एक माह का समय निर्धारित किया था लेकिन 4 माह बीत जाने पर भी किसी भी ग्राहक को उसका पैसा नहीं लौटाया गया है।

     गुरुवार को दर्जनों डाक उपभोक्ताओं ने अचानक निरीक्षण करने आए बुलंदशहर के उप डाक अधीक्षक ए पी सिंह को बंधक बनाकर धरने पर बैठा लिया और कर्मचारियों को बाहर निकाल ताला जड़ दिया। घंटों चली कहासुनी और हंगामे के बाद उप डाक अधीक्षक ने आश्वासन दिया कि एक माह में ग्राहकों का पैसा उनके खाते में वापस करा दिया जाएगा। इस आश्वासन पर ग्राहक शांत हुए। ग्राहकों के धरने में भारतीय किसान यूनियन अंबावता के इस मौके पर जग्गी पहलवान, गिरिराज सूबेदार, महिपाल गर्ग, बिजेंद्र प्रधान, इंदरजीत प्रधान, सुनील चचूला, उधम नागर, आशीष सिंघल, अरुण सिंघल, निक्की सिंघल,  सुनील मुहफाड़, शंकर कसाना रीलखा, ठा० अजय भाटी, कृष्ण भाटी आदि लोग उपस्थित रहे
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