जेवर में बनने वाला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भूमि अधिग्रहण बनेगा, देश व विदेश में मिशाल
गौतमबुद्धनगर। जेवर एयरपोर्ट से प्रभावित किसानों ने लखनऊ के कालीदास मार्ग पर स्थित  मुख्यमंत्री  के आवास पर लगभग 28 है0 भूमि का कब्जा दिये जाने के प्रमाण पत्र  योगी आदित्यनाथ  को सौंपे।जहां भटटा पारसौल और घोडी बछेडा जैसे रक्तरंजित किसान आंदोलन हुये हों, उसी सरजमी पर, जेवर में बनने वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए किया गया भू-अधिग्रहण, देश व दुनिया के लिए एक मिशाल बनकर उभरा है, वहां किसानों ने सहृदयतापूर्वक प्रदेश के विकास को ध्यान में रख, अपनी जमीनें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए दी। अगस्त 2018 में खबरें आ रही थी कि जेवर एयरपोर्ट के लिए किसान अपनी सहमति नही दे रहे हैं तथा इसके हरियाणा अथवा राजस्थान जाने के कयास लगाये जाने लगे थे। तब प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री जी ने जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह को बुलाकर समस्त स्थिति का विस्तृत विवरण जाना एंव विधायक संग ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में किसानों से मुलाकात कर, उनसे क्षेत्र व प्रदेश के विकास के लिए जेवर एयरपोर्ट बनाये जाने के महत्व को बताया, जिसके पश्चात शनैः शनैः किसानों ने सहमति देना प्रारम्भ किया। जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह को भी किसानों के घरों पर जाकर उनके दिमाग में विस्थापन और पुर्नस्थापन को लेकर उठ रही शंकाओं का समाधान करना पडा, तब जाकर नियत अवधि में जेवर एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य 70 प्रतिशत सहमति तक पहुॅचा और आगे बढ सका।प्रथम चरण की परियोजना हेतु 06 ग्राम रन्हेरा, रोही, पारोही, दयानतपुर, बनवारीवास, किशोरपुर की कुल 1334 है0 भूमि ली जानी थी, जिसमें से लगभग 94.85 है0 भूमि राज्य सरकार की भी सम्मलित है। आज मा0 मुख्यमंत्री जी को उनके लखनऊ स्थित कालीदास आवास पर 06 गांवों के 70 किसानों ने लगभग 28 है0 भूमि पर कब्जा दिये जाने के प्रमाण पत्र सौंपे। क्योंकि आज ही बिड की अंतिम तिथि है और नागरिक विमानन मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार बिड क्वालीफाई करने के लिए 80 प्रतिशत भूमि पर कब्जा व राज्य सरकार का नाम होना आवश्यक है। मा0 मुख्यमंत्री जी को सौंपे गये कब्जा प्रपत्रों को मिलाकर 1068.9630 है0 भूमि, जोकि 1334 है0 का 80.34 प्रतिशत है, का भौतिक कब्जा नोडल अधिकरण यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण को हस्तांतरित कराने की प्रक्रिया पूर्ण की गयी।यह इस प्रदेश के इतिहास का एक ऐतिहासिक क्षण था कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही का प्रारम्भ भी एक वर्ष पूर्व मा0 मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की उपस्थिति में किसानों के मध्य ग्रेटर नोएडा में हुआ था और आज इस पूरी प्रक्रिया का पटाक्षेप भी  मुख्यमंत्री  के कालीदास मार्ग स्थित आवास पर उन्हीें के करकमलों से हुआ। प्रत्येक गांव के किसानों ने अपने ग्रामों से संबंधी कब्जा प्रपत्र मा0 मुख्यमंत्री जी को प्रस्तुत किये तथा सम्पूर्ण भूमि के कब्जा प्रपत्र जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह, जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर श्री बी0एन0सिंह व नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के चैयरमैन श्री अरूणवीर सिंह ने  मुख्यमंत्री  को सौंपे।
 मुख्यमंत्री  ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि ’’हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सकें, इसलिए प्रदेश में अनेकों एयरपोर्ट संचालित किये गये हैं और किये जायेंगे, लेकिन जेवर एयरपोर्ट इस प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि इससे रोजगार के साथ-साथ विदेशी निवेश प्रदेश में आयेगा और इसकी तरक्की के द्वार खुलेंगे। जेवर के किसानों की सहृदयता और प्रदेश के विकास के लिए बनने वाले एयरपोर्ट हेतु जमीन दिये जाने के लिए मैं धन्यवाद के साथ-साथ उनका आभार व्यक्त करता हॅू तथा साथ ही इस कार्य को अंजाम तक पहुॅचाने में स्थानीय विधायक धीरेन्द्र सिंह तथा वहां के सांसद  महेश शर्मा व जिला प्रशासन एंव यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण का भी धन्यवाद करता हूॅ।’’
जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने अपने सम्बोधन में जेवर एयरपोर्ट की जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया का प्रारम्भ से ही कुशल पयर्वेक्षण करने के लिए मा0 मुख्यमंत्री जी व उपस्थित किसानों का आभार व्यक्त किया। नागरिक उडडयन मंत्री मा0 नंद गोपाल उर्फ नंदी जी ने अपने सम्बोधन में उत्तर प्रदेश के विकास के लिए जेवर एयरपोर्ट को महत्वपूर्ण बताया।  इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर  बी0एन0सिंह, यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री अरूण वीर सिंह, अपर जिलाधिकारी (भू0अ0), गौतमबुद्धनगर  बलराम सिंह, डिप्टी कलेक्टर  अभय सिंह, उपजिलाधिकारी जेवर  गुंजा सिंह, तहसीलदार जेवर दुर्गेश सिंह, नायब तहसीलदार जेवर  बालेन्दु भूषण वर्मा, लेखपाल तहसील जेवर  विजयपाल सिंह, नवीन कुमार, मुकेश सिंह व गंगालाल के अलावा 06 गांव के श्री हंसराज सिंह, हरवेन्द्र सिंह, संजय कुमार, हेम गोयल, भीम सिंह छौंकर, विपिन शर्मा, राजेन्द्र शर्मा, हरीश शर्मा, त्रिलोकचंद शर्मा, हसीन खांन, सौराब, सान मौहम्मद, नाजिम, हाजी असगर, कुलदीप सिंह, सतवीर सिंह, योगजीत, तेजवीर सिंह, अख्तर, गफूर, रूकमुददीन, शमशाद, उमर मौहम्मद, शमशाद, भगवान सिंह, शैलेन्द्र सिंह, बंटी निर्वान, राजेश चैहान व देवेन्द्र सिंह आदि लगभग 70 किसान मौजूद रहे।
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