शारदा विश्वविधालय में आज "स्वच्छता ही सेवा"  कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ | इसमें विश्वविधालय के वाईस चांसलर, रजिस्ट्रार, डीन सहित सभी अधिकारीयों ने भाग लिया | शारदा विश्वविधालय के प्रो चांसलर वाईके गुप्ता ने सम्बोधित करते हुए कहा की भारत के राष्ट्रपिता श्री महात्मा गाँधी जी ने अपने आसपास के लोगों को स्वच्छता बनाए रखने संबंधी शिक्षा प्रदान कर राष्ट्र को एक उत्कृष्ट संदेश दिया

था। उन्होंने “स्वच्छ भारत”का सपना देखा था जिसके लिए वह चाहते थे कि भारत के सभी नागरिक एक साथ मिलकर देश को स्वच्छ बनाने के लिए कार्य करें। महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के स्वप्न को पूरा करने के लिए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2 अक्टूबर 2014 को “स्वच्छ भारत अभियान”शुरू किया और इसके सफल कार्यान्वयन हेतु भारत के सभी नागरिकों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की। हम सभी इसमें कन्धा से कन्धा मिलाकर सफल बनाएंगे | 
       यू जी सी के निर्देशानुसार स्वच्छ भारत अभियान को निरंतर सफल बनाने के लिए शारदा विश्वविद्यालय ने "स्वच्छता ही सेवा" के लिए जागरूकता अभियान 11 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2019 तक आयोजित किया। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अशोक कुमार सिंह ने ‘प्लास्टिक कचरा जागरूकता’पर विशेष जोर दिया और सफाई करने की दिशा में स्वच्छता श्रमदान के लिए स्टाफ और विद्यार्थीओ को प्रेरित किया। 
      वाईस चांसलर डॉ जी आर सी रेड्डी ने सभी स्टाफ और विद्यार्थीओ से अनुरोध किया कि वे अपने घरों, और कार्यालयों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग से मुक्त करें और खरीददारी के लिए बाहर जाते समय कपड़े अथवा जूट के बैगों का इस्तेमाल करें । उन्होंने सफाई कर्मचारिओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि वे  प्लास्टिक के सभी कचरे को एक निर्धारित जगह पर इकट्ठा करें और इसका सुरक्षित निपटारा सुनिश्चित करें ।
      जॉइंट रजिस्ट्रार डॉ. अजित कुमार ने स्वच्छता ही सेवा अभियान को सफल बनाने के लिए सभी स्टाफ और विद्यार्थीओ को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया और अपने आसपास के स्थानों में इस अभियान के सफल कार्यन्वयन को सुनिश्चित करने पर जोर दिया । इन सभी गतिविधियों का उद्देश्य अधिक-से-अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़कर स्वच्छता ही सेवा अभियान को  एक जन-आंदोलन बनाना है । 
      डॉ अजीत ने कहा की  दीवाली आते हुए पूरा परिवार घर के हर कोने की स्वच्छता में लग जाता है। वैसे ही हमें भी  हर कोने में सफाई का ये स्वभाव हर महीना, हर वर्ष बनाते रहना होगा। साफ-सफाई एक अच्छी आदत है, स्वच्छ पर्यावरण और आदर्श जीवन शैली के लिये हर एक को यह आदत बनानी चाहिये। “स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मानसिकता का विकास होता है”इसी के मद्देनजर देश में स्वच्छता की आवश्यकता को देखते हुए स्वच्छता अभियान शुरु किया।
कार्यक्रम के कई विशिष्ट लोगो के लेक्चर इत्यादि भी आयोजित किये गए जिनके माध्यम से छात्र तथा अन्य सभी को इस अभियान के लिए प्रेरित किया जा सके| संयोजक डीन छात्र कल्याण डॉ निरुपमा गुप्ता, स्पोर्ट्स निदेशक डॉ अरुण वर्मा, डीन डॉ परमानन्द,  सुमित राणा इत्यादि के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन हो सका | भारत सरकार के पूर्व सचिव आर पी अग्रवाल ने उपस्थित सभी के होशला आफजाई के लिए सफाई अभियान का नेतृत्व किया |
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