शारदा  विश्वविद्यालय में "कम्प्यूटिंग, संचार और इंटेलिजेंट सिस्टम" पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन


शारदा  विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी  द्वारा "कम्प्यूटिंग, संचार और इंटेलिजेंट सिस्टम" पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड के अध्यक्ष और गुरु गोबिंद सिंह  इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति प्रो. के. के. अग्रवाल, मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। उनका स्वागत शारदा  विश्वविद्यालय वाईस चांसलर डॉ जी. आर. सी. रेड्डी और डीन (अनुसंधान) और निदेशक (आर.टी.डी.सी.) डॉ. एच.एस.पी. राव  ने किया। 

इस अंतराष्ट्रीय सेमिनार में देश विदेश से आये हुए विशेषज्ञ, और स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग के सारे अध्यक्ष, अधिकारी और अन्य संकायों के डीन भी मौजूद थे ।

स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डीन डॉ. परमानन्द ने अपने सम्बोधन में कहा कि यह सम्मेलन एक अंतरराष्ट्रीय मंच है जिसका उद्देश्य अग्रणी शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और अनुसंधान विद्वानों को एक साथ लाने के लिए उनके अनुभवों और उच्च -अर्जित तकनीकी प्रगति को कम्प्यूटिंग, संचार और बुद्धिमान प्रणालियों से संबंधित उनके अनुसंधान के आधार पर साझा करना है।

  प्रो. के. के. अग्रवाल ने इस सेमिनार में आमंत्रण के लिए डॉ. परमानन्द का धन्यवाद किया । प्रो. अग्रवाल ने सेमिनार में कहा की हमें अपने ज्ञान में तकनीक के माध्यम से निरंतर वृद्धि करनी चाहिए क्योकि इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी एक ऐसे विभाग है जिसमे निरंतर खोज होनी आवश्यक है ।

  वरिष्ठ निदेशक (वैज्ञानिक जी) और समूह समन्वयक आर एंड डी, आई.टी. और डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के डॉ. बी.के. मूर्ति ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इससे प्राप्त होने वाले अवसरो पर अपना अनुभव साँझा किया ।

  सिंगापुर इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से आये डॉ. एंड्रू केओंग नग ने भारतीय रेलवे की कृत्रिम वृद्धि पर जोर दिया और कहा की भारतीय रेलवे दुनिया में सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है । उन्होंने कहा की स्मार्ट  कोच भारतीय रेलवे को ट्रेन के स्वास्थ्य के कई प्रमुख संकेतकों की निगरानी के लिए एक सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म प्रदान करता है ।
साउथ अफ्रीका की क्वाज़ुलु-नटाल विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, आईटी और गवर्नेंस से आयी डॉ. उपासना सिंह ने  "साइबर बदमाशी" पर अपने विचारो से सेमिनार में मौजूद सभी को इस बदमाशी के बारे में अवगत कराया और शारदा विश्वविद्यालय के छात्रों को साउथ अफ्रीका आने के लिए आमंत्रित किया । उन्होंने कहा की  सोशल  नेटवर्क  साइट्स  पर ‘फेक आईडी’ एक बड़ी समस्या है. ‘फेक आईडी’ के ज़रिए   र बहुत खराब भाषा का इस्तेमाल करते हुए धमकी भरे मैसेज भेजते हैं. जिसके नाम पर ये फेक आईडी हैं अगर आप उस आदमी को जानते हैं या वो आपका परिचित है तो उनसे बात करनी चाहिए और  सोशल  नेटवर्क  साइट्स की  फेक आईडी की रिपोर्ट की जानी चाहिए. जिसके नाम से फेक आईडी बना है उसकी पुलिस से शिकायत करनी चाहिए। प्रोफेसर डॉ. परमानन्द ने सेमिनार में आये सभी वक्ताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया


Share To:

Post A Comment: