विश्व रोगी सुरक्षा दिवस के अवसर पर शारदा हॉस्पिटल में रोगी की सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 17 सितंबर को विश्व रोगी सुरक्षा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजितब किये गए जिनमे मरीजों की सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए इस अभियान का आगाज किया गया। रोगी की  सुरक्षा एक वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता है और स्वास्थ्य देखभाल का एक बुनियादी सिद्धांत है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य दुनिया के सभी हिस्सों में रोगी की  सुरक्षा मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।  इस कार्यक्रम के तहत हॉस्पिटल से जुड़े स्टाफ जो की मरीजों से सीधा सपर्क रखते है और पेशेंट की सुरक्षा की जिम्मेदारी रखते है, उनके लिए यह सबसे बड़े खतरे से निपटने के लिए जागरूकता अभियान आयोजित किया गया । आई सी यू  इत्यादि में विशेष ध्यान रखा जाता है |
        शारदा अस्पताल द्वारा चौबीसों घंटे गंभीर रूप से बीमार लोगों को उपचार प्रदान करता है। रोगी देखभाल सुरक्षा की हर प्रक्रिया में अनिश्चितता की एक निश्चित डिग्री शामिल है। रोगी सुरक्षा का अनुशासन रोगियों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए महत्व पर प्रकाश डालता है, जो स्वास्थ्य देखभाल की प्रक्रिया के कारण होता है। रोगी की सुरक्षा में सुधार का अर्थ है रोगी को नुकसान कम करना। शारदा अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और सहयोगी स्टाफ ने विश्व रोगी सुरक्षा दिवस पर रोगियों की देखभाल के लिए " सुरक्षित देखभाल ही की सबसे अच्छी देखभाल है" की प्रतिज्ञा ली। शारदा विश्वविधालय के चांसलर पी के गुप्ता ने शारदा अस्पताल के मुख्य संचालन अधिकारी डॉ राजा दत्ता को रोगी सुरक्षा पर उनके टीम द्वारा विशेष ध्यान देने के लिए बधाई दिया तथा भविष्य में भी इसी तरह मरीजों के सेवा में लगे रहेंगे | चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशुतोष निरंजन ने भी पुरे नर्सिंग टीम को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया |



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