ग्रेटरनोएडा।

(शफ़ी मोहम्मद सैफ़ी)इंडियन फैशन ज्यूलरी एण्ड एसेसरीज शो (आईएफजेएएस) के 12वें संस्करण का आयोजन 4से 6जुलाई  2019 तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एण्ड मार्ट में 63वें इंडिया इंटरनेशनल गारमेंट फेयर के साथ किया जाएगा।इस शो में परम्परागत भारतीय कारीगरी की समृद्ध विरासत और फैशन ज्यूलरी एवं एसेसरीज की अनूठी डिजाइन्स का अद्भुत सम्मिश्रण देखने को मिलेगा।
इस शो के दौरान 250 से अधिक निर्यातक सदस्य देशभर में उपलब्ध सामग्री और डिजाइन्स का समावेश कर तैयार की गई अपनी फैशन एण्ड कॉस्ट्यूम ज्यूलरी इमिटेशन ज्यूलरी  फैशन एसेसरीज हैण्डबैग्स  फैन्सी एवं एम्ब्रॉयडर्ड फैशन शूज और सिर से पांव तक की श्रंगार प्रसाधनों सहित फैशन ज्वैलरी और एसेसरीज की विस्तृत रेंज का प्रदर्शन करेंगे।
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के चेयरमैन रवि के  पासी ने कहा कि पहले फैशल के क्षेत्र में भारत की कोई खास पहचान नहीं थी लेकिन बीते कुछ दशकों में देश ने इस क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता विकसित की है और मौजूदा फैशन ट्रेंड के अनुरूप ड्रेसेज से मेल खाते एसेसरीज उपलब्ध कराने में तेजी से उभरकर सामने आया है। 
विकास मनेकतला प्रेजिडेंट फेयर ने बताया कि ईपीसीएच ने आईएफजेएएस के प्रचार प्रसार में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है।अंतरराष्ट्रीय मैग्जीन्स, मेलों एवं प्रदर्शनियों विदेश स्थित दूतावासों एवं मिशन में विज्ञापनों  ई.मेलर्स और सोशल मीडिया के माध्यम से दुनिया भर के विदेशी खरीददारों और घरेलू थोक खरीददारों को आकर्षित करने के हरसंभव प्रयास किए गए हैं ताकि वे यहां एक ही छत के नीचे आधुनिक डिजाइन्स विविध रंग नई.नई शैली और कलात्मक फिनिश वाले भारतीय कारीगरी के बेहतरीन उत्पादों की खरीद कर सकें। ईपीसीएच के महानिदेशक राकेश कुमार ने बताया कि फैशन ज्यूलरी एंड एसेसरीज भारतीय निर्यात का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इसे बढ़ावा देने के लिए परिषद प्रतिवर्ष आईएफजेएएस का आयोजन कर रही है।उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में निर्यात विस्तार की अपार सम्भावनाएं हैं।अभी अमेरिका हमारा सबसे बड़ा आयातक है और इंग्लैण्ड दूसरा बड़ा खरीददार है।
अर्जेंटीनाए बरबाडोस ब्राजीलए बेल्जियमए कोलम्बियाए फिनलैंड फ्रांसए ग्रीस इटली इजराइल जापान कुवैत  लेबनान मेक्सिको नाइजीरिया नॉर्वे रूस सेनेगल सिंगापुर स्पेन श्रीलंका यूएई इंग्लैंड और अमेरिका से आने वाले खरीददारों ने फैशलज्यूलरी एवं एसेसरीज की बेहतरीनरेंज के उत्पादों की खरीद के लिए अपनी यात्रा की पहले ही पुष्टि कर दी है।

इन देशों के अलावा किर्गिजस्तान अजरबैजान तुर्कमेनिस्तान यूक्रेन और ताजिकिस्तान जैसेसीआईएस के सदस्य देशों से भी खरीददार शो में हिस्सा लेंगे।यही नहीं  अफ्रीकी देशों कांगो घाना गाम्बिया  नाइजीरिया और दक्षिणअफ्रीका की उपस्थिति भी इस शो में रहेगी।
कुमार ने इस बारे में प्रेस एवं मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस शो में वर्ष2020 के लिए फैशनज्यूलरी एवं एसेसरीज के डिजाइन्स ट्रेंड्स और संभावित रुझानों पर एक थीम पेविलियन स्थापित किया जाएगा।देश के दक्षिणी पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्र के कारीगर और शिल्पकार भी इस शो में हिस्सा लेंगे।
शो के दौरान हर रोज फैशन शो भी आयोजित किए जाएंगे जिनमें मॉडल्स प्रदर्शनी भागीदारों के फैशन उत्पादों की विविध श्रेणियों का प्रदर्शन करेंगे ताकि आने वाले खरीददार भारतीय फैशन ज्वैलरी एवं एसेसरीज की विशेषताओं से रूबरू हो सकें।ईपीसीएच के डीजी कुमार ने बताया कि जो कम्पनियां अपने स्टैंड् बढिया तरीक़े से डिजाईन ओर डिस्प्ले करेंगीं उन्हें अजय शंकर स्मृति पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018-19 में हैंडीक्राफ्ट्स सेक्टर का निर्यात अनुमानित रूप से  घरेलू मुद्रा में गत वर्ष की तुलना में15.46 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 26590.25 करोड़ रुपए और डॉलर में 6 .44 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3803.55 मिलियन यूएस डॉलर रहा है।फैशन ज्यूलरी एवं एसेसरीज का निर्यात वर्ष 2018.19 में गत वर्ष के मुकाबले:11 34 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2332.97 करोड़ रुपए रहा है।इस शो का आयोजन हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद द्वारा किया जा रहाबहै।परिषद हस्तशिल्प निर्यातकों के सबसे बड़े शो आईएचजीएफ. दिल्ली फेयर का भी हर वर्ष दो बार आयोजन करती है।
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