हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार ने नॉलेज पार्क एक्सपो मार्ट गोल चक्कर पर पुरानी किताब के बदले हेलमेट दिया।


गौतमबुद्ध नगर। हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार ने आज नॉलेज पार्क एक्सपो मार्ट गोल चक्कर पर पुरानी किताब के बदले हेलमेट दिया। 
हेलमेट लेने वालों की कतार लग गई थीl लेकिन जो घर से किताब लाया था सिर्फ उन्हीं को हेलमेट दिया गयाl 100 हेलमेट देकर 400 किताबें मिली. नॉलेज पार्क के अलग अलग कॉलेज से डायरेक्टर भी आए हुए थे उन्होंने हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार के कार्य की सराहना की और 15 अगस्त के बाद सभी कॉलेज शुरू होंगे. जिसमें नए छात्र को दाखिला लिए हैं उनका स्वागत एक हेलमेट देकर सड़क सुरक्षा की जागरूकता देंगेl राघवेंद्र कुमार एक युवा है उनके कार्य को देखकर लोग बहुत कुछ सीखेंगे और भविष्य में हेलमेट मैन की तरह कार्य करने की जागरूक  भी होंगेl
हेल्मेट मैन ने बताया अब तक 21000 हेलमेट नव राज्य में बांट चुके हैंl और इस अभियान से 170000 गरीब बच्चों को निशुल्क किताब का लाभ मिला हैl आगे हेलमेट मैन का सपना है इस कार्य के द्वारा एक करोड़ बच्चों को निशुल्क किताब पहुंचाने का और एक लाख लोगों को हेलमेट देकर सड़क सुरक्षा का संदेश देंगेl.
इस अभियान में अब तक राघवेंद्र कुमार को किसी से मदद नहीं मिली है और ना ही कभी प्रशासन ने कोई मदद की हैl लेकिन वह चाहते हैं इस कार्य में सरकार उनकी मदद करें l
राघवेंद्र कुमार ने केंद्र सरकार से अपील भी किया हुआ है कोई भी व्यक्ति बिना हेलमेट टोल टैक्स पास ना करें.
और भारत के अंदर जितने भी कॉलेज हैंl 12th  पास करने के बाद ऊपर की शिक्षा लेने वाले बच्चों को कॉलेज प्रबंधन उनको एक हेलमेट देकर सड़क सुरक्षा के लिए जागरूक करें.
क्योंकि भारत में जिस कदर जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है और शिक्षा में अभी तक 100% साक्षर नहीं होने की वजह से सभी योजना पूर्ण नहीं हो पा रही हैंl
सड़कों पर देखा जाए पढ़े लिखे व्यक्ति भी नियम का पालन करते नहीं दिखते हैंl इसलिए कॉलेज में शिक्षा लेने वाले छात्रों को हेलमेट देकर बहुत बड़ी जागरूकता हो सकती है. क्योंकि आज छात्र ही सड़क दुर्घटना के अधिक शिकार हो रहे हैंl ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क में अलग अलग राज्य से हर साल लाखों बच्चे दाखिला लेते हैंl हेलमेट नहीं पहनना और हेलमेट नहीं होने की वजह से मरने वाले छात्रों का आंकड़ा हर साल  बढ़ता जा रहा हैl इसलिए राघवेंद्र कुमार चाहते हैं प्रशासन के द्वारा नियम को लागू किया जाए और जो बच्चे दूसरे राज्य से आए हैं यहां से शिक्षा लेने के बाद अपने राज्य में भी सड़क सुरक्षा का संदेश देकर लोगों की जान बचा सकते हैंl
आज सड़क दुर्घटना में हो रही मौत का आंकड़ा बढ़ने के कारण सरकार के लिए एक बहुत बड़ी समस्या बनी हुई हैl इसलिए हम सभी को जागरूक होना पड़ेगा.

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