राजकीय आर्युविज्ञान संस्थान ग्रेटर नोएडा में 1 अगस्त 2019 से एमबीबीएस का शैक्षिक सत्र होगा शुरू।  
ट्रामा सेंटर की सुविधा भी जल्द ही शुरू होगी इसके लिए एक प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है : डॉ राकेश गुप्ता
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने कासना में 15 एकड़ में राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान का निर्माण कराया है। यह प्रॉजेक्ट तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के ड्रीम प्रॉजेक्ट में शामिल था। अप्रैल 2013 में 533 करोड़ रुपये की लागत से यह तैयार हुआ। यहां लगे मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलप करने के लिए 227 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इस बारे में संस्थान के डायरेक्टर डॉ ब्रिगेडियर राकेश गुप्ता ने बताया कि 500 बेड की क्षमता वाले इस अस्पताल में अब तक ओपीडी और ईमरजेंसी जैसी सभी सेवा ही मिल रही है। सीएम योगी की सरकार के बजट में जिले के पहले सरकारी मेडिकल कॉलेज को एमबीबीएस के लिए 100 सीटें अलॉट की गई हैं। इसके साथ ही मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया एमसीआई से भी मान्यता मिल गईहै। इससे यह राजकीय आर्युविज्ञान संस्थान यूपी के अव्वल मेडिकल कॉलेजों में शुमार किया जाने लगा है। इस बार यहां 1 अगस्त 2019 से शैक्षणिक सत्र की शुरूआत होने जा रही है। यहां 100 स्टूडेंट्स एमबीबीएस की पढ़ाई करने लगेंगे। राजकीय आर्युविज्ञान संस्थान ग्रेटर नोएडा के प्रशासनिक अधिकारी डा0 अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि कांउसिलिंग शुरू हो चुकी है, आगामी 10 जुलाई तक यहां पर मेडिकल में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि यहां  पर सभी सीटें सरकारी कोटे से भरी जाएंगी और सरकारी द्वारा तय फीस ही स्टूडेंट से ली जाएगी। इस बार 1 अगस्त 2019 से यहां पर मेडिकल की पढाई शुरू हो जाएगी उससे पहले सभी तरह की तैयारियां पूर्ण कर ली जाएंगी। मेडिकल कॉलेज के लिए सभी फैकल्टी आ चुकी है। उन्होंने बताया कि हास्पिटल में फिलहाल 1500 मरीजों की ओपीडी चल रही है। यदि ओपीडी में 2500 मरीज आते हैं तो उसके लिए भी सभी सुविधाएं और पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों की उपलब्धता है। फिलहाल यहां 300 बैड हैं और 500 बैड करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। सवाल के जवाब उन्होंने बताया कि यहां मेडिकल कॉलेज में सभी उच्चस्तर की सुविधाए होगी और मरीज को कहीं दूसरी जगह नही जाना पडेगा। ट्रामा सेंटर की सुविधा भी जल्द ही शुरू होगी इसके लिए बैठक हुई है और एक प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है। ट्रामा सेंटर शुरू हो जाने से चोट, दुर्घटना और हताहत जैसी स्थिति के मरीजों को फौरन चिकित्सा प्रदान की जाएगी। न्यूरो सर्जन, कॉर्डियोलॉजी,किडनी आदि से संबंधित विशेषज्ञों के द्वारा ट्रामा सेंटर में मरीजों को तत्कालिक चिकित्सा प्रदान की जाएगी।
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