जेवर एयरपोर्ट : 2023 से शुरू होगी उड़ान, नोएडा इंटरनेशनल कंपनी लिमिटेड ने निकाला टेंडर।


ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल कंपनी लिमिटेड ने निकाला टेंडर, बिडिंग द्वारा होगा कंपनी का चयन। यूपी कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद गुरुवार को नोएडा इंटरनेशनल कंपनी लिमिटेड (नायल) इसके टेंडर निकाल दिया है, जिसके छह महीने के भीतर कंपनी का चयन कर लिया जाएगा
। अगर निर्माण कार्य सही समय से शुरू हो गया तो वर्ष 2023 में यहां से उड़ान सेवा शुरू हो जाएगी। इस हवाई अड्डे के निर्माण के बाद एनसीआर को दो इंटरनेशनल एयरपोर्ट मिल जाएंगे। इससे दस करोड़ यात्रियों का बोझ ढो रहे आईजीआईए को राहत मिल जाएगी। जेवर एयरपोर्ट की बदौलत एनसीआर सहित कम से कम 10 शहरों का अवागमन आसान हो जाएगा। इनमें मेरठ, अमरोहा, मुरादाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, फिरोजाबाद, आगरा वगैरह शामिल हैं। सरकार की अनुमति के बाद नायल ने तैयारी और तेज कर दी है। पीपीपी मॉडल पर बनने वाले इस एयरपोर्ट के लिए कंपनी का चयन करते समय 80 प्रतिशत जमीन पर कब्जा जरूरी है। इस लिहाज से अब किसानों के मुआवजा वितरण में भी तेजी आएगी। अनुमति मिलने के बाद मंगलवार को डीएम बीएन सिंह ने एयरपोर्ट के कामों को लेकर समीक्षा बैठक भी कर ली। साथ ही किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा देने के लिए कहा है। मुआवजा देते ही जमीन पर कब्जा लेना शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मुआवजा लेने के लिए किसानों को कुछ कागजों की जरूरत होती है। ये कागज तहसील या अन्य दफ्तरों से बनते हैं। उनको बनवाने में किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। किसानों को 30 अगस्त तक मिल जाएगा मुआवजा : नोएडा इंटरनेशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट जेवर से संबंधित कार्यों में तेजी लाने के लिए मंगवार को डीएम बीएन सिंह ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने 30 अगस्त तक सभी किसानों को मुआवजा देकर भूमि पर कब्जा लेने की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। अगले महीने हिंडन से घरेलू उड़ान : ट्रांस हिंडन : हिंडन एयरपोर्ट से जून के अंत में घरेलू उड़ान सेवा शुरू होने की उम्मीद है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को रक्षा मंत्रालय से इस संबंध में जरूरी सभी मंजूरी मिल चुकी है। जिलाधिकारी का कहना है कि नागरिक विमानन मंत्रालय को उड़ान सेवा शुरू करने की तिथि तय करनी है। एयरपोर्ट टर्मिनल पर अधिकांश काम पूरा हो चुका है। हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से सटे हिंडन एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ मार्च को किया था। मेट्रो से जुड़ेगा जेवर जेवर एयरपोर्ट को मेट्रो से जोड़ा जाएगा। मेट्रो के लिए डीपीआर तैयार हो गई है। यमुना प्राधिकरण की आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास कराकर इसे शासन को भेज दिया जाएगा। जेवर मेट्रो को एक्वा लाइन मेट्रो के नॉलेज पार्क-2 से जोड़ा जाएगा। इससे आईजीआईए, दिल्ली व अन्य शहरों की मेट्रो जुड़ेगी। डीपीआर के मुताबिक जेवर एयरपोर्ट एक्वा लाइन के नॉलेज पार्क टू स्टेशन से जुड़ेगी। नॉलेज पार्क टू से नंगला हुकुमसिंह गांव तक एलिवेटेड और वहां से एयरपोर्ट टर्मिनल तक भूमिगत होगी। इस रूट पर 25 स्टेशन होंगे। इस लाइन में ग्रेटर नोएडा में नॉलेज पार्क दो, सेक्टर चाई एक, चाई दो, चाई तीन व सेक्टर चाई चार, गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय, नाइट सफारी, मुर्शदपुर, यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में सेक्टर 26 ए, नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, गलगोटिया यूनिवर्सिटी, सेक्टर 17 ए, स्पोर्ट्स सिटी, सेक्टर 22 ए, 22 बी, सेक्टर 18(एक), सेक्टर 22 सी, सेक्टर 19, सेक्टर 18, दो, सेक्टर बीस, सेक्टर 21, सेक्टर 28, सेक्टर 29, नंगला हुकुम सिंह, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट टर्मिनल स्टेशन होंगे। रैपिड रेल भी पहुंचाएगी एयरपोर्ट जेवर एयरपोर्ट को मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। रैपिड रेल से भी जेवर एयरपोर्ट जुड़ेगा। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल के न्यू अशोक नगर स्टेशन से जेवर की लाइन को जोड़ा जाएगा। इसकी फिजबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के लिए राइट्स एजेंसी को काम दिया गया है। जल्द ही यह रिपोर्ट आने की उम्मीद है। जेवर एयरपोर्ट को रैपिड रेल से जोड़ने की तैयारी चल रही है। ताकि यात्रियों को आवाजाही के लिए कई विकल्प मिल सके। दिल्ली से मेरठ तक रैपिड रेल चलाने की तैयारी चल रही है। इस पर तेजी से काम चल रहा है। दिल्ली मेरठ रैपिड रेल की लंबाई करीब 90 किलोमीटर है। इसमें 16 स्टेशन बनेंगे। इसमें एक स्टेशन न्यू अशोक नगर भी होगा। हाईवे से जुड़ेंगे जेवर और आईजीआईए जेवर एयरपोर्ट को आईजीआई एयरपोर्ट व एनसीआर के शहरों से जोड़ने के लिए कई विकल्पों पर काम शुरू हो गया है। यमुना एक्सप्रेस वे से ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे जोड़ा जाएगा। इसका काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए जरिये एनसीआर के शहर के जुड़ने के अलावा आईजीआई एयरपोर्ट भी जुड़ जाएगा। यमुना एक्सप्रेसवे पर ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे पर अभी इंटरचेंज नहीं है। परी चौक की तरफ से जीरो प्वाइंट से 7.5 किलोमीटर (जगनपुर-अफजलपुर) के पास यमुना एक्सप्रेसवे के ऊपर से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे गुजर रहा है। इसी जगह इंटरचेंज बनाने की योजना है। दुनिया के 73 शहरों में हैं दो-दो एयरपोर्ट दुनिया में ऐसे 73 शहर हैं, जहां दो एयरपोर्ट काम कर रहे हैं। वहीं 14 शहरों में तो तीन-तीन एयरपोर्ट हैं। शिकागों में तीन एयरपोर्ट ओहारे, मिड-वे और रॉकफोर्ड अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं। इनमें ओहारे और मिड-वे एयरपोर्ट के बीच की दूरी 41 किलोमीटर है। दोनों को जोड़ने के लिए रेपिड ट्रांजिट ट्रेन चलती है। रैपिड ट्रांजिट ट्रेन ओहारे और मिड-वे एयरपोर्ट के बीच की दूरी महज 22 मिनट में तय करती है। दो या तीन ही नहीं दुनिया के कई शहरों में तो पांच और सात एयरपोर्ट भी हैं। अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में सात एयरपोर्ट हैं। सारे एयरपोर्ट को आपस में जोड़ने के लिए विशेष बसें चलती हैं जो तीन से पांच घंटे में एक एयरपोर्ट से दूसरे तक पहुंचाती हैं। न्यूयॉर्क के एल्बैनी, जॉन एफ कैनेडी एयरपोर्ट, लैग्वार्डिया और नेवार्क एयरपोर्ट को जोड़ने के लिए शटल चलती हैं। इसी तरह लंदन के दो बड़े हीथ्रो और गेटविक एयरपोर्ट के बीच करीब 61 किलोमीटर की दूरी है।
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