हीट वेव (लू) से बचाव के लिये जिलाधिकारी बीएन सिंह की जनपद वासियों को सलाह।

गौतमबुद्धनगर। जिलाधिकारी बी एन सिंह ने बढती गरमी को दृष्टिगत रखते हुये हीट वेव (लू) से होने वाले नुकसान एवं उसके बचाव की जानकारी देते हुये जनपद वासियों का आहवान किया है कि लू के कारण शरीर की कार्य प्रणाली प्रभावित होती है जिसमें लापरवाही बरतने से मृत्यु भी हो सकती है। हीट स्ट्रोक में गरम लाल शुष्क त्वचा का होना, पसीना न आना, पल्स तेज होना, उथले श्वास गति में तेजी आना, व्यवहार में परिवर्तन, भ्रम की स्थिति होना, सिरदर्द, मतली थकान व कमजोरी होना, चक्कर आना, बदन पर चकत्ते होना, मूत्र न आना या कम आना आदि लक्षण चिकित्सकों द्वारा बताये गये है। जो लोग एक या दो घंटे से अधिक समय तक 40.6 डिग्री सेल्सियस या अधिक तापमान में काम करते है उनके शरीर के आन्तरिक अंगों विशेषकर मस्तिष्क को नुकसान पहुॅचता है तथा उच्च रक्त चाप उत्पन्न करता है।डीएम ने जनपद वासियों का आहवान करते हुये उन्हें लू से बचाव के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि घर से खाली पेट न निकलें, पर्याप्त मात्रा में पानी व तरल पदार्थो का सेवन करें, हल्के रंग के सूती कपड़ों का अधिक प्रयोग करें, घर से बाहर निकलते समय चश्मा,टोपी, छाता व जूतों का प्रयोग किया जाये और सिर, गरदन व चेहरे पर गीला कपड़ा रखें। उन्होनें बताया कि निर्जलीकरण से बचने के लिये आवश्यक है कि अधिक मात्रा में पानी, मौसमी फलों का रस, ओआरएस का घोल, नारियल पानी, घर के बने पेय पदार्थ जैसे चावल का पानी, नीबू पानी आदि का सेवन आवश्यक रूप से किया जाये।
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