ग्रेटर नोएडा ।
(शफी मोहम्मद सैफी)शारदा विश्वविद्यालय में  महावीर जयंती  के उपलक्ष्य पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभिन्न संकायों ने अलग अलग भगवान महावीर से संबंधित कार्यक्रमों को आयोजित करते हुए उनके जीवन पर प्रकाश डाला। मुख्य कार्यक्रम विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित किया गया जिसमें चांसलर, प्रो चांसलर, डीन, तथा विभिन्न संकायों के विभागाध्यक्ष, निदेशक, कुलसचिव सहित सैंकड़ों छात्रों ने भाग लिया। चांसलर पी के गुप्ता ने संबोधित करते हुए णमोकार का शाब्दिक अर्थ के साथ साथ भावनात्मक अर्थ भी समझाया। णमोकार शब्द में ही जैन धर्म का मूल मंत्र छिपा है। प्रो चांसलर वाई के गुप्ता ने कहा कि जैन धर्म सभी धर्मों में सबसे पवित्र एवं अहिंसावादी है। शारदा विश्वविद्यालय जैन धर्म को मानते हुए अन्य धर्मों का भी उचित सम्मान करती है। जैन मुनि बोलने के पहले मुंह पर कपड़ा रखते है कि कोई बैक्टीरिया तक ना चला जाए। अहिंसा का यह सर्वोच्च उदाहरण है।
शारदा विश्वविद्यालय में भगवान महावीर जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर हैं।
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